सेवा में
माननीय
मुख्यमंत्री उत्तरप्रेदश
श्रीमान
जिलाधिकारी आगरा
विषय- आलू किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, बोले- लागत 12 रुपये और दाम मिल रहे सिर्फ 6-7 रुपये
महोदय,
आलू के गिरते बाजार मूल्य और कोल्ड स्टोर भंडारण की बढ़ती दरों को लेकर आगरा जनपद के आलू किसान चिंतित हैं। हम मांग करते हैं कि ऐसे में आलू का बाजार मूल्य बढ़वाया जाए और कोल्ड स्टोर भंडारण की दरें कम की जाएं। हम किसानों का कहना है कि वर्तमान हालात में आलू की खेती घाटे का सौदा बन चुकी है और अगर शासन, प्रशासन और सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया तो किसान आलू उत्पादन छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे।
जिलाधिकारी के सामने रखी किसानों की पीड़ा
आलू उत्पादक किसान सेवा समिति के प्रदेश महासचिव लक्ष्मीनारायण बघेल के नेतृत्व में किसान नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। किसानों ने कहा कि इस समय केवल आगरा जनपद ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में आलू की स्थिति बेहद खराब है। सब्जी का राजा कहलाने वाला आलू आज बाजार में बेकदरी का शिकार हो रहा है और किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहा।
लागत 12 रुपये, बाजार में 6–7 रुपये दाम
किसान नेताओं ने बताया कि एक किलोग्राम आलू के उत्पादन में लगभग 12 रुपये की लागत आ रही है, जबकि किसान अपनी फसल का उत्तम कोटि का आलू 6 से 7 रुपये प्रति किलोग्राम बेचने को मजबूर है। ऐसे में किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों डूब रही हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बिल्कुल वैसी है जैसे ऊंट के मुंह में जीरा, जिससे किसान आर्थिक संकट के कगार पर पहुंच गया है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सरकार आलू उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजे। इससे किसानों को तत्काल राहत मिल सकेगी और वे अगली फसल की तैयारी कर पाएंगे।
कोल्ड स्टोर की दरें सरकार तय करे
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कोल्ड स्टोर भंडारण की दरें शीतगृह स्वामी स्वयं तय कर रहे हैं, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि भंडारण दरें तय करने का अधिकार कोल्ड स्टोर मालिकों से लेकर सरकार अपने हाथ में ले और सरकारी छूट सीधे किसानों के खाते में भेजी जाए।
आगरा मंडल में लगें आलू प्रसंस्करण इकाइयां
हम किसान मांग करते हैं कि आगरा मंडल जैसे बड़े आलू उत्पादक क्षेत्र में आलू प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित की जाएं। इसके अलावा किसानों को अपनी फसल देशभर में बेचने के लिए ट्रक, रेल और हवाई परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि आगरा का आलू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक बेहतर दामों पर पहुंच सके।
सड़क पर आलू रखने को मजबूर किसान
किसान नेता लक्ष्मीनारायण बघेल ने कहा कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई किसान अपनी आलू की फसल को सड़क किनारे रखने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस संकट पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया तो आलू किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं। यही नहीं कुछ किसान अपने आलू की खड़ी फसल को ट्रैक्टर चलाकर जोतने को मजबूर हो गये हैं। यह एक गंभीर स्थिति है। किसान नेता ने कहा कि जब देश का किसान ही खुशहाल नहीं होगा तो हमारा देश तरक्की कैसे कर पाएगा।
बेमौसम बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर
आलू की खुदाई इन दिनों पीक पर चल रही है। कुछ खुदा पड़ा है तो कुछ आलू खोदने बाकी हैं। इसी बीच इंद्रदेवता का प्रकोप भी किसानों को भारी पड़ रहा है। बेमौसम बारिश से आलू का भारी क्षति होने की आशंका है। जो खुला पड़ा है, वह बरसात से खराब हो जाएगा। जमीन के अंदर के आलू के भी सड़ने की आशंका से किसान परेशान हो रहे हैं। सरकार से मांग है कि किसानों के केसीसी ऋण ब्याज सहित माफ किये जाएं।
महोदय इससे पहले के किसान दिवसों में हमने जो मांग उठायी हैं, उन पर न तो कृषि विभाग ध्यान दे रहा, न ही उद्यान और न ही सिंचाई विभाग । इन मामलों में आपके द्वारा दिये गये निर्देशों की भी आपके अधीनस्थ विभाग खुली अवहेलना कर रहे हैं। इसके लिये दोषी अधिकारियों को तत्काल दंडित किया जाए। जिससे वे भविष्य में किसान हितों की अनदेखी नहीं कर सकेंगे।
जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से किसान नेता श्याम सिंह चाहर, वीरेंद्र सिंह परिहार और कल्लू यादव आदि मौजूद रहे।
प्रार्थी
लक्ष्मीनरायन बघेल
प्रदेश महासचिव
मो. 9412810833
दिनांक- 20.3.26


