आगरा, 17 नवंबर। जिला उद्यान अधिकारी आगरा और उपनिदेशक उद्यान के अलावा उद्यान निरीक्षक और एक बाबू के निलंबन के पश्चात उद्यान विभाग राम भरोसे चल रहा है। निदेशालय अथवा शासन स्तर से अभी किसी अधिकारी की नियुक्ति आगरा में नहीं की गयी है। इस संबंध में आज ताज आगरा आलू उत्पादक किसान समिति के प्रदेश महासचिव लक्ष्मीनरायन बघेल ने उप्र के उद्यान निदेशक बीपी राम से टेलीफोन पर वार्ता की। उन्होंने मांग की कि लगभग दस -बारह दिन बीत जाने के बावजूद आगरा में जिला उद्यान अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गयी है। इस पर उद्यान निदेशक ने कहा कि जल्द ही आगरा में डीएचओ की नियुक्ति कर दी जाएगी।
इस बीच उद्यान विभाग के इकलौते अधिकारी बचे अधीक्षक राजकीय उद्यान रजनीश पांडे इन दिनों अनाधिकारिक रूप से डीएचओ और उपनिदेशक का कार्य देख रहे हैं। जिलाधिकारी अथवा मंडलायुक्त द्वारा उद्यान विभाग के अधिकारी को बैठक में बुलाया जाता है तो श्री पांडे ही जाते हैं। हालांकि श्री पांडे का कहना है कि उनको आधिकारिक रूप से कोई आदेश नहीं मिला है। लेकिन रुटीन कार्य कर रहा हूं। उधर आलू उत्पादक किसान भी परेशान हैं कि वे अपनी समस्या किसको बतायें। ज्ञातव्य है कि विगत 6 नवंबर को इंस्पेक्टर संजीव यादव तथा लिपिक सुनील वर्मा को निलंबित किया गया था। इसके पश्चात आठ नवंबर को उपनिदेशक पोटेटो लखनऊ कौशल कुमार, उपनिदेशक उद्यान आगरा धर्मपाल सिंह, जिला उद्यान अधिकारी आगरा बैजनाथ सिंह को निलंबित किया गया। इनका कार्यभार किसको दिया गया, यह अभी तक किसी को नहीं पता है। अब किसानों की परेशानी यह है कि जब तक किसी अधिकारी की नियुक्ति होगी,तब तक आलू बुवाई का सीजन ही निकल जाएगा।
