
आगरा। श्रीमद्भागवत कथा में श्रीहरि की महिमा का अमृतपान सुनने के लिए आज आयोजित कलश यात्रा में भक्ति से सराबोर भक्तों का उत्साह नजर आया। बैंड बाजों संग झूमते नाचते सैकड़ों भक्तजनों ने सिर पर मंगल कलश लेकर सम्पूर्ण क्षेत्र में भ्रमण किया। पीताम्बर परिधान में श्रंगारित महिलाएं श्रीहरि के भजनों की भक्ति में डूबी नजर आयी। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
जयपुर हाउस स्थित जैन स्मृति भवन से विधि विधान के साथ कलश यात्रा का शुभारम्भ हुआ। टोरन्ट कार्यालय, हनुमान मंदिर सहित जयपुर हाउस क्षेत्र में भ्रमण करते हुए कलश यात्रा ने पुनः कथा स्थल पर पहुंचकर विराम लिया। जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलशों की स्थापना की गई। आयोजन समिति के पदाधिकारियों, सिंधी युवा मंच के संरक्षक लक्ष्मण कल्याणी. ने बताया कि व्यासपीठाचार्य किशोरी जानकी देवी द्वारा सात दिवसीय श्रीमद्बागवत कथा में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक कथा की अमृत वर्षा हो रही है,। पंचम दिन श्रीभागवत कथा का महत्व, धुंधकारी की कथा, दूसरे दिन मंगलाचरण, सोनक जी , पांचवें दिन समुन्द्र मंथन, वामन अवतार, श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, छठे दिन रासलीला, कंस वध, रुकमणी विवाह, सातवें दिन सुदामा चरित्र, भगवान कृष्ण-उद्धव संवाद, राजा परीक्षित को मुक्ति की कथा होगी। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा का लाभ लेने की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य रूप से लक्ष्मण कल्याणी, परीक्षित सुरेश कल्याणी, लवीन मायरा कल्याणी,सुशील नोतनानी, अजय नोतनानी,हासा नन्द,मनोज नौतनानी ,नारायण दास, मनोज खेमानी,प्रेम चंद अग्रवाल, संजय नॉतनानी,हीरा लाल, हेमन दास, किशन जसनानी, हरीश लालवानी आदि उपस्थित थे।
