
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की दो दिवसीय समीक्षा बैठक का आज समापन हुआ
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम पांचवे चरण के कार्यान्वयन से संबंधित प्रमुख मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की गई
आगरा, 25अगस्त। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की दो दिवसीय समीक्षा बैठक का आज आगरा में समापन हुआ । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के परियोजना निदेशकों के साथ राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक का उद्घाटन किया था । यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) द्वारा आयोजित किया गया था। समीक्षा बैठक में एनएसीओ के महानिदेशक सुश्री वी. हेकाली झिमोमी के साथ-साथ एनएसीओ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य 2030 तक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में एचआईवी/एड्स को समाप्त करने के सतत विकास लक्ष्य का हिस्सा रहा । राष्ट्रीय एड्स और एसटीडी नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) वर्तमान में अपने पांचवें चरण में है, जिसका उद्देश्य नए एचआईवी संक्रमणों को कम करना है। साथ ही एड्स से संबंधित मृत्यु दर और समाज में एचआईवी/एड्स से संबंधित कलंक को भी खत्म करना है।
मुख्य उद्घाटन भाषण के दौरान प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कार्यक्रम के बेहतर कार्यान्वयन पर जोर दिया और कहा कि सभी एचआईवी पॉजिटिव लोगों को अपनी एचआईवी स्थिति पता चल सके इसके लिए सभी राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (एसएसी) से एचआईवी परीक्षण को बढ़ावा देने और उपचार शीघ्र शुरू करने के लिए आह्वान किया । उन्होंने कहा, “सभी एसएसीएस को अधिक से अधिक जागरूकता गतिविधियां चलानी चाहिए और केंद्र सरकार इसके लिए पूर्ण समर्थन सुनिश्चित करेगी ।”
राज्यों द्वारा एचआईवी पॉजिटिव मामलों की शीघ्र पहचान करने, रोकथाम गतिविधियों के बारे में जागरूकता पैदा करने और कलंक और भेदभाव को कम करने के लिए प्रयास करने के लिए भी स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा । प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन राज्यों को पुरस्कृत करने का भी सुझाव दिया, ताकि एचआईवी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों द्वारा सर्वोत्तम अभ्यास अपनाया जा सके है। इस दो दिवसीय समीक्षा बैठक के दौरान, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम चरण 5 के कार्यान्वयन के दौरान प्रमुख मुद्दों और चुनौतियों पर चर्चा की गई। सभी राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के परियोजना निदेशकों ने वार्षिक कार्य योजना और राज्य विशिष्ट मुद्दों के संबंध में प्रगति प्रस्तुत की। क्रॉस लर्निंग के लिए उनके राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सर्वोत्तम प्रथाओं को भी प्रस्तुत किया गया।प्रोफेसर बघेल ने कहा कि इस दो दिवसीय बैठक के दौरान विचार-विमर्श से संबंधित राज्यों में एचआईवी प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए अधिक संभव और योग्य हस्तक्षेपों को लागू करने में मदद मिलेगी।”
