पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का किया निरीक्षण
ले-आउट प्लान, निर्माण कार्यों एवं प्रदर्शनी गैलरियों की तैयारियों का लिया जायजा
छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम में विभिन्न प्रदर्शनी गैलरियों के माध्यम से प्रदर्शित होगी देश एवं प्रदेश की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत
आगरा.16/10/2026/आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, उत्तर प्रदेश , जयवीर सिंह ने निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, भवन के ले-आउट प्लान, विभिन्न तल पर विकसित की जा रही सुविधाओं तथा प्रदर्शनी गैलरियों की तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा म्यूजियम की संरचना, निर्माण की वर्तमान स्थिति, प्रस्तावित प्रदर्शनी स्थलों, आंतरिक साज-सज्जा तथा संग्रहालय में प्रदर्शित की जाने वाली ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक सामग्री के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
निरीक्षण के दौरान मा. मंत्री जी ने म्यूजियम के स्वीकृत ले-आउट प्लान के अनुरूप भवन के विभिन्न हिस्सों में विकसित की जा रही व्यवस्थाओं, प्रदर्शनी गैलरियों के स्थान, आगंतुकों की सुविधा के लिए प्रस्तावित व्यवस्थाओं तथा आंतरिक विकास कार्यों का अवलोकन किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि भवन के निर्माण से लेकर आंतरिक साज-सज्जा, प्रकाश व्यवस्था, डिस्प्ले सिस्टम एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं तक सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किए जाएं, जिससे संग्रहालय में आने वाले पर्यटकों को सुविधाजनक एवं सुव्यवस्थित अनुभव प्राप्त हो सके।
म्यूजियम में प्रस्तावित स्थायी प्रदर्शनी गैलरियों के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली जीवन एवं वीरता, उनके ऐतिहासिक आगरा प्रवास और मुगल शासक औरंगजेब की कैद से निकलने के साहसिक प्रसंग, उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, ब्रज की परंपराओं, आगरा की स्थापत्य एवं ऐतिहासिक विरासत तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करने की योजना है। संग्रहालय में आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रस्तुतीकरण एवं आकर्षक लाइट एंड साउंड माध्यमों के उपयोग से ऐतिहासिक घटनाओं और सांस्कृतिक विषयों को अधिक प्रभावी एवं रोचक रूप से प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।
मा. मंत्री जी ने प्रदर्शनी गैलरियों में प्रदर्शित की जाने वाली ब्रज की संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, ब्रज की ऐतिहासिक धरोहर तथा लोक परंपराओं से संबंधित सामग्री एवं स्क्रिप्ट का अवलोकन किया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के विशिष्ट उत्पादों, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत आने वाले उत्पादों, पारंपरिक क्राफ्ट एवं हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने की तैयारियों की भी जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदर्शनी सामग्री का चयन, उसकी ऐतिहासिक प्रामाणिकता तथा प्रस्तुतीकरण इस प्रकार सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटक प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारंपरिक कलाओं से परिचित हो सकें।
निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था द्वारा बताया गया कि म्यूजियम का लगभग 80 प्रतिशत सिविल वर्क पूर्ण हो चुका है तथा शेष निर्माण कार्य को आगामी 15 दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भवन निर्माण के साथ-साथ प्रदर्शनी गैलरियों के लिए सामग्री के चयन, विषयवस्तु के निर्धारण, स्क्रिप्ट तैयार करने तथा क्यूरेशन का कार्य भी समानांतर रूप से किया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरांत गैलरियों को विकसित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
मा. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह जी ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में निर्धारित समयसीमा का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सभी कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, आंतरिक साज-सज्जा, प्रकाश व्यवस्था एवं प्रदर्शनी प्रणालियों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि म्यूजियम की प्रत्येक गैलरी की विषयवस्तु और प्रस्तुतीकरण संग्रहालय की मूल अवधारणा के अनुरूप होना चाहिए, ताकि यहां आने वाले पर्यटक इतिहास, संस्कृति, कला एवं विरासत से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रभावी ढंग से प्राप्त कर सकें।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के माध्यम से थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था भी की गई है। इसके अंतर्गत निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यों की जांच सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम आगरा के पर्यटन एवं सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। ताजमहल के निकट इसकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर आधारित प्रदर्शनी गैलरियों के विकास से आगरा आने वाले पर्यटकों को एक अतिरिक्त महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल उपलब्ध होगा। यह संग्रहालय छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य एवं स्वाभिमान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, ब्रज की विरासत और पारंपरिक शिल्पकलाओं को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी मनीष बंसल, अपर आयुक्त श्रीमती प्रतिभा सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, अपर जिलाधिकारी(नगर) यमुनाधर चौहान, अपर जिलाधिकारी(वित्त एवं राजस्व) संदीप कुमार वर्मा, अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह सहित संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।


