ओटीएस योजना की धीमी प्रगति पर कर निर्धारण अधिकारी नाराज, 8 कर्मचारियों को नोटिस

Press Release उत्तर प्रदेश

चारों जोन की समीक्षा में सामने आई ऑनलाइन आवेदनों की सुस्त रफ्तार, सबसे कम आवेदन कराने वाले राजस्व निरीक्षकों से मांगा जाएगा जवाब

आगरा। नगर निगम की ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार देर शाम को कार्यकारिणी कक्ष में चारों जोन की समीक्षा बैठक में ऑनलाइन आवेदनों की स्थिति का आकलन किया गया। योजना की प्रगति आशातीत नहीं मिलने पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रत्येक जोन में सबसे कम ऑनलाइन आवेदन कराने वाले दो राजस्व निरीक्षकों और राजस्व निरीक्षक द्वितीय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में जोनवार ओटीएस आवेदनों की संख्या की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि योजना का लाभ अधिक से अधिक करदाताओं तक पहुंचाया जाए। इसके लिए बकायेदारों से संपर्क करने, उन्हें योजना की जानकारी देने और ऑनलाइन आवेदन कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

—- कम आवेदन कराने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

समीक्षा में हरीपर्वत जोन से राजस्व निरीक्षक रूपाली गुप्ता के माध्यम से 156 और राजस्व निरीक्षक प्रथम यादवेंद्र कुमार के माध्यम से 278 ऑनलाइन ओटीएस आवेदन दर्ज होने का विवरण सामने आया। छत्ता जोन में राजस्व निरीक्षक सपना सिंह और विक्रम शर्मा के नाम भी समीक्षा के दौरान सामने आए, हालांकि इनके आवेदन संबंधी आंकड़ों का स्पष्ट मिलान किया जाना शेष है।
अन्य जोनों में भी ऑनलाइन आवेदनों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, ताजगंज जोन में सलीम के माध्यम से 72 और वीरेंद्र चंदेल के माध्यम से 99 ऑनलाइन ओटीएस आवेदन दर्ज किए गए। लोहामंडी जोन के संजय मोहन और शैलेन्द्र राठौर की भी प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी शिवकुमार गौतम ने निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों के माध्यम से सबसे कम आवेदन कराए गए हैं, उनसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्पष्टीकरण मांगा जाए। साथ ही ओटीएस योजना की प्रगति बढ़ाने के लिए क्षेत्रवार लक्ष्य निर्धारित कर नियमित निगरानी की जाए।

—– करदाताओं तक पहुंचाने होंगे योजना के लाभ

नगर निगम की ओटीएस योजना का उद्देश्य पात्र करदाताओं को निर्धारित शर्तों के तहत बकाया गृहकर के निस्तारण का अवसर देना है। योजना की सफलता के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को गति देना और करदाताओं को इसकी जानकारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। समीक्षा बैठक में कम प्रगति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। बैठक में जोनल अधिकारी हरि पर्वत अवधेश कुमार,कर अधीक्षक अक्षय कुमार,जोनल अधिकारी ताजगंज गजेन्द्र सिंह,कर निर्धारण अधिकारी राम बाबू के अलावा लोहा मंडी जोन के कर निर्धारण अधिकारी सी पी सिंह के अलावा समस्त राजस्व निरीक्षक भी उपस्थित रहे।

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