मेट्रो और एनएचएआई की लापरवाही पर नगर आयुक्त सख्त, अधिकारियों के पेंच कसे ,दो दिन में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

Press Release उत्तर प्रदेश

—– जलभराव, क्षतिग्रस्त नाले और सीवर व्यवस्था पर फटकार, संयुक्त निरीक्षण कर स्थायी समाधान के निर्देश

आगरा। शहर में जलभराव, नाला सफाई और मेट्रो निर्माण कार्यों के चलते उत्पन्न हो रही समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में समीक्षा बैठक कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। बैठक में नाला सफाई, सीवर व्यवस्था और मेट्रो परियोजना से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें तथा दो दिन के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

बैठक में अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, प्रभारी मुख्य अभियंता (निर्माण) अरविंद श्रीवास्तव, सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम, सहायक एवं अवर अभियंता, यूपीएमआरसी (मेट्रो), एनएचएआई के अधिकारी तथा क्षेत्रीय पार्षद मौजूद रहे।
बैठक के दौरान क्षेत्रीय पार्षद सुनील शर्मा ने गुरुद्वारे के समीप स्थित नाले का मुद्दा उठाते हुए बताया कि मेट्रो परियोजना के तहत नाले के भीतर पिलर बनाए जाने से उसका प्रवाह संकरा हो गया है। वहीं पुलिया की खुदाई से नाला क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे जल निकासी बाधित हो रही है और क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। इस पर नगर आयुक्त ने मेट्रो, एनएचएआई और नगर निगम निर्माण विभाग के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर नाले और पुलिया की तत्काल मरम्मत कराने तथा जल प्रवाह सुचारु करने के निर्देश दिए।
निर्माण विभाग के अवर अभियंता ने बताया कि भगवान टॉकीज चौराहे पर मेट्रो निर्माण के दौरान लगाए गए बैरियरों के कारण मिट्टी और मलबा मेनहोल में भर गया है, जिससे जल निकासी प्रभावित हो रही है। नगर आयुक्त ने मेट्रो अधिकारियों को आवश्यकतानुसार नया चैम्बर बनाकर मेनहोल की सफाई कराने और जल निकासी सामान्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में सिकंदरा चौराहे से भगवान टॉकीज तक नालों की सफाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्षद सुनील शर्मा ने बताया कि लंबे समय से समुचित सफाई नहीं होने के कारण बापू नगर और खंदारी क्षेत्र में हर वर्ष जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है। इस पर नगर आयुक्त ने एनएचएआई को नालों की दोबारा व्यापक सफाई कराने, सभी अवरोध हटाने तथा सिकंदरा चौराहे से गुरुद्वारे और गुरुद्वारे से लेमन ट्री होटल तक दोनों ओर नालों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में 16 स्थानों पर भेजे गए नाला सफाई संबंधी पत्रों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई।
बैठक में बसई मंडी और अमर होटल के निकट सीवर लाइन मुख्य लाइन से न जुड़ने का मामला भी सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि इसी कारण क्षेत्र में लगातार सीवर की समस्या बनी रहती है। नगर आयुक्त ने प्रोजेक्ट मैनेजर वबाग को तत्काल निरीक्षण कर सीवर लाइन का मुख्य लाइन से इंटरकनेक्शन स्थापित करने और संपूर्ण लाइन की सफाई कराने के निर्देश दिए।
प्रोजेक्ट मैनेजर वबाग ने बैठक में जानकारी दी कि सूरसदन से हरीपर्वत चौराहे तक मेट्रो की बैरीकेडिंग हटाने के दौरान सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे सीवर व्यवस्था प्रभावित हुई है। इस पर नगर आयुक्त ने मेट्रो अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सीवर लाइन की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही एमजी रोड ढाकरान पर मेट्रो निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पुलिया का भी शीघ्र पुनर्निर्माण कराने को कहा। इस दौरान चंद्र मेमोरियल स्कूल के निकट मंडी समिति के सामने हाईवे किनारे स्थित नाले के अवरुद्ध होने का मामला भी उठा। बताया गया कि मेट्रो निर्माण कार्य के चलते नाला बंद होने से वर्षा का पानी स्कूल परिसर और आसपास की कॉलोनियों में भर जाता है। नगर आयुक्त ने मेट्रो और एनएचएआई के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन कराया जाए। सभी संबंधित विभागों को दो दिवस के भीतर विस्तृत कृत-कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नगर आयुक्त ने चेतावनी दी कि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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