आगरा, 20 मई। जनपद में मूंग,उड़द की पैदावार अच्छी खासी मात्रा में होने लगी है। लेकिन इसके लिये किसानों को उपयुक्त बाजार भाव नहीं मिल पाते। आपसे निवेदन है कि ब्लाक स्तर पर जायद फसल मूंग , उड़द आदि के क्रय केंद्र खोले जाएं। जिससे किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक दाम मिल सके। इस आशय का एक ज्ञापन किसान नेताओं लक्षमीनरायन बघेल , श्याम सिंह चाहर आदि ने किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह को दिया।
ज्ञापन में उन्होंने कहा कि पिछले साल जायद एवं खरीफ की फसल खरीदने को सरकारी क्रय केंद्र खोले तो गये थे लेकिन वे विलंब से खुले इसलिये किसानों को उनका लाभ नहीं मिल सका। इस बार शमसाबाद आदि ब्लाकों पर समय से क्रय केंद्र खोले जाएं।
खरीफ की फसल 2026 की बुवाई के लिये उत्तम कोटि के बीज और खाद की व्यवस्था अभी से करायी जाए। साथ ही नकली बीज बेचने वालों पर लगाम कसी जाए। जिससे भोलेभाले किसान इनके शिकार न बन सकें। पिछले सालों में नकली बीज के कारण किसानों को काफी घाटा सहना पड़ा है।
जायद एवं खरीफ की फसल के लिये खाद-बीज और कीटनाशक दवाओं की उपलब्धता सरकारी स्तर पर न होने कारण किसानों को पहले ही काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। इसलिये आपसे निवेदन है कि इस बार समय रहते ये सारी व्यवस्थाएं करायी जाएं।
जायद की फसल के लिये सिंचाई के साधन जुटाये जाएं। जिनमें नहरों में पानी रोस्टर के अनुसार चलाया जाए। विद्युत आपूर्ति सुचारू रखी जाए, जिससे किसान ट्यूबवैल के जरिये अपनी फसल की सिंचाई कर सके।
आलू की फसल का उचित मूल्य न मिल पाने के कारण आगरा के आलू उत्पादक किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गये हैं। आलम यह है कि बहुत से किसानों को तो बैंक के कर्जे अदा करने के भी लाले पड़ रहे हैं। आपसे निवेदन है कि आलू उत्पादक किसानों को सरकार के स्तर से ब्याज सहित केसीसी ऋण माफ करने की कार्यवाही करायी जाए। ऋण वसूली भी तत्काल प्रभाव से रोकी जाए।
ज्ञापन देने वालों में आलू उत्पादक सेवा समिति के प्रदेश महासचिव लक्ष्मीनरायन बघेल के साथ किसान नेता श्याम सिंह चाहर, लाखन सिंह त्यागी, वीरेंद्र सिंह परिहार आदि रहे।


