ग्रेप के बीच एनजीटी नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, सड़क पर सामग्री फैलाने पर कार्रवाई
आगरा। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए बिल्डिंग मेटेरियल विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू होने के बावजूद जो विक्रेता नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर नगर निगम द्वारा लगातार जुर्माना लगाया जा रहा है।
इसी क्रम में मंगलवार को नुनिहाई क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने दो बिल्डिंग मेटेरियल विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की। नगला कुंज बिहारी निवासी सोनू एवं हनुमान नगर निवासी तरुण कुमार द्वारा सड़क पर ही बजरी, रेत और अन्य निर्माण सामग्री खुले में फैला कर रखी गई थी। इससे जहां एक ओर राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, वहीं दूसरी ओर उड़ती धूल के कारण वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा था।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, ग्रेप के तहत निर्माण सामग्री को ढककर रखने, सड़क पर फैलाव न करने और धूल नियंत्रण के उपाय अनिवार्य हैं। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए दोनों विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया गया और भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी भी दी गई। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी और नियम तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
—-नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का वर्जन:
“वायु प्रदूषण नियंत्रण नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रेप और एनजीटी के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सभी बिल्डिंग मेटेरियल विक्रेताओं से अपील है कि निर्माण सामग्री को ढककर रखें और सड़क पर फैलाव न करें, अन्यथा जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तय है।”


