
स्वच्छ सर्वेक्षण में ढिलाई पर नगर निगम प्रशासन का सख्त रुख, नियमों की अनदेखी पर लगेगा जुर्माना
आगरा। स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत नगर निगम द्वारा शहर में कचरा सेग्रीगेशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जांच में यह पाया गया कि कुछ मोहल्लों में पूर्व में रहवासियों द्वारा गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग दो डस्टबिन का प्रयोग किया जाता था, किंतु वर्तमान में कई स्थानों पर यह व्यवस्था पूरी तरह से शिथिल हो गई है।
ताजगंज जोन के हरजूपुरा, कटरा फुलेल, नगला टीन, सिद्धार्थ नगर, तेलीपाड़ा एवं पूर्वी गेट मार्केट क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा दो डस्टबिन का प्रयोग न किए जाने की स्थिति सामने आई। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए योगेंद्र कुमार कुशवाहा, एसएफआई के नेतृत्व में अभियान चलाकर 262 रहवासियों/दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए।
नोटिस के माध्यम से स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि गीले और सूखे कचरे के लिए अनिवार्य रूप से अलग-अलग डस्टबिन रखें और नगर निगम की कूड़ा संग्रह व्यवस्था में सहयोग करें। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि नोटिस के बाद भी नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कचरा सेग्रीगेशन स्वच्छता की बुनियादी शर्त है और इसकी अनदेखी से शहर की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
—नगर आयुक्त का वर्जन:::
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कहना है कि “स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंकिंग के लिए गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण अनिवार्य है। जिन क्षेत्रों में पहले दो डस्टबिन का प्रयोग हो रहा था, वहां दोबारा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नागरिकों को पहले नोटिस देकर जागरूक किया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया तो नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। स्वच्छ आगरा के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।”
