
एमजी रोड–हाईवे पर अव्यवस्था बढ़ी, निगम ने मेट्रो को भेजा पत्र
आगरा। एमजी रोड और हाइवे पर मेट्रो निर्माण कार्य के चलते ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। फुटपाथ तोड़कर सड़क में शामिल करने, मनमानी बैरिकेडिंग और पार्किंग स्पेस पर अतिक्रमण की वजह से नगर निगम की कई पार्किंग अस्थायी रूप से बंद या बाधित हो गई हैं। इससे निगम के राजस्व पर सीधा असर पड़ा है।
सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने कहा कि मेट्रो कार्यों के कारण यदि निगम को वित्तीय हानि होती है, तो उसकी वसूली यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन से की जाएगी। इस संबंध में निगम प्रशासन द्वारा कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस बाबत मेट्रो रेल कारपोरेशन को पत्र भी भेजा जा रहा है।
—पार्किंग पॉइंट लगातार बाधित, राजस्व में गिरावट—–
एमजी रोड, भगवान टाकीज, अंजना सिनेमा, राजामंडी–एसएन इमरजेंसी, वाटर वर्क्स सहित कई क्षेत्रों में पार्किंग पॉइंट या तो पार्किंग स्पेस खत्म होने से बंद हो चुके हैं या मनमाने स्थानों पर वाहनों के खड़े होने से जाम दैनिक समस्या बन गया है। भगवान टाकीज चौराहे पर अब सिटी बसों के खड़े होने के लिए भी जगह नहीं है, जिसके कारण उन्हें फ्लाईओवर के नीचे रोका जा रहा है। इससे जाम और बढ़ रहा है।
—हाइवे पर और बिगड़ेंगे हालात**
सुल्तानगंज की पुलिया से लेकर वाटर वर्क्स तक कई हिस्सों में सर्विस लेन समाप्त हो चुकी है। आने वाले चरणों में मेट्रो की और बैरिकेडिंग बढ़नी है, जिससे हाइवे पर भी पार्किंग और यातायात की स्थिति और खराब हो सकती है।
—नगर निगम ने शासनादेशों के पालन पर उठाए सवाल–
निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में अधिकांश पार्किंग सड़क किनारे संचालित हैं, जबकि शासनादेश इनके लिए वैकल्पिक क्षेत्र का उपयोग करने का निर्देश देते हैं। अव्यवस्थित बैरिकेडिंग और सड़क की चौड़ाई कम होने से इन पार्किंगों का संचालन लगभग असंभव हो गया है।
—नगर आयुक्त का वर्ज़न—-
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि “एमजी रोड और हाइवे पर पार्किंग व्यवस्था पर मेट्रो निर्माण के प्रतिकूल प्रभाव को गंभीरता से लिया गया है। मेट्रो की बैरिकेडिंग और सड़क चौड़ीकरण के कारण यदि नगर निगम को राजस्व में किसी भी प्रकार की हानि होती है, तो उसकी भरपाई मेट्रो रेल कारपोरेशन से कराई जाएगी। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है और मेट्रो अधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है। शहरवासियों को राहत देने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।”
