
आगरा। गुरुद्वारा साहिबजादा बाबा अजीत सिंह , खेरिया आगरा में रविवार की रात्रि को श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें बलिदान दिवस को समर्पित कीर्तन दरबार का बड़े ही श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजन किया गया।
पाठ श्री रेहरास साहिब के साथ “वाहेगुरु सिमरन” और पवित्र अमृतमयी कीर्तन हुआ। जिसमें संगत ने गुरु साहिब की अमर शहीदी को नमन करते हुए धर्म की स्वतंत्रता के लिए दिए गए उनके महान बलिदान को याद किया।
कीर्तन के दौरान रागी भाई लवप्रीत सिंह ने शब्द : “धर्म हेत साका जिन किया, सीस दिया पर सिरर ना दिया, का गायन कर सारे माहौल को भक्ति मय बना दिया।
हजूरी रागी भाई करनैल सिंह द्वारा भावपूर्ण शब्दों से वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया। संगत ने “सतिनाम वाहेगुरु” के जाप के साथ गुरु साहिब की कृपा और बलिदान को स्मरण किया। गुरुद्वारा परिसर में गुरबाणी की स्वर लहरियाँ और संगत की श्रद्धा ने ऐसा वातावरण निर्मित किया, मानो हर ओर गुरु की रूहानी ज्योति प्रकाशमान हो, इस अवसर पर संगत को धर्म, एकता और मानवीय मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया गया, कार्यक्रम के अंत में अरदास के पश्चात गुरु का लंगर वितरित किया गया,
गुरद्वारा दुख निवारण गुरु का ताल के संत बाबा प्रीतम सिंह जी का विशेष सहयोग रहा।
आयोजन में आगरा की विभिन्न संगतों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, कार्यक्रम का संचालन गुरुद्वारा साहिबजादा बाबा अजीत सिंह जी मुख्य सेवादार सरदार,परमात्मा सिंह एवं प्रबंधक कमेटी और संगत द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में रहे चेयरमैन परमात्मा सिंह , अध्यक्ष सी एस कोचर, कुलविंदर सिंह,गुरु सेवक श्याम भोजवानी दलजीत सिंह, रोमी वीरजी ,सरबजीत सिंह ,तरनजीत कौर,हेड ग्रंथी बाबा हरबंस सिंह, कंवलजीत सिंह, गुरमीत सिंह,संजय सेठ, गुरु समूह मौजूद रहे ।
