कोर्ट के फैसले के बाद नगर निगम ने करोड़ों की जमीन पर किया कब्जा,

Press Release उत्तर प्रदेश

दीवार और फैंसिंग से की हदबंदी शुरू,मउ मुस्तकबिल में है 2190 वर्ग गज भूमि

वादियों द्वारा पैरवी न करने पर सिविल जज ने केस खारिज किया
कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने बोर्ड लगाकर किया स्वामित्व का ऐलान

आगरा। नगर निगम प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मउ मुस्तकबिल स्थित करोड़ों रुपये कीमत की अपनी भूमि पर कब्जा कर लिया है। भूमि पर पुनः अतिक्रमण न हो, इसके लिए निगम की ओर से तार फैंसिंग और प्री-कास्ट वॉल लगाने का कार्य शुरू करा दिया गया है।
केन्द्रीय हिन्दी संस्थान मार्ग के दूसरी ओर गाटा संख्या 1032 में अन्य काश्तकारों के साथ ही नगर निगम की भी 2190 वर्ग मीटर भूमि बंजर के रूप में दर्ज थी। जब नगर निगम ने इस भूमि पर कब्जा लेने का प्रयास किया तो पता चला कि इस जमीन को लेकर रामबाबू बनाम अज़ीमुल्ला के बीच वाद सिविल जज कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बाद नगर निगम की ओर से भी वर्ष 2002 में मुकदमा दायर किया गया। कई सालों तक चले इस मामले में विगत कुछ माह से नगर निगम के अलावा कोई भी पक्षकार उपस्थित नहीं हो रहा था। इस पर सिविल जज ने केस खारिज कर नगर निगम के पक्ष में फैसला सुना दिया। इसके बाद राज्स्व निरीक्षक शिप्रा गुप्ता के नेतृत्व में तहसील की टीम के साथ भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की गई।
सहायक नगर आयुक्त श्रद्धा पांडेय ने बताया कि निगम प्रशासन ने भूमि की हदबंदी शुरू कर दी है और वहां अपने स्वामित्व का बोर्ड भी लगा दिया है। हालांकि कि भूमि के कुछ भाग पर बाहरी लोगों ने झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहना शुरू कर दिया है उन्हें वहां से हटने के लिए चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।

—-नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का वर्जन—-
“नगर निगम की संपत्तियों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद यह भूमि अब निगम की है और इसका उचित उपयोग शहरहित में किया जाएगा। फैंसिंग और प्री-कास्ट वॉल से सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है ताकि दोबारा अतिक्रमण की गुंजाइश न बचे।”

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