—- नगर निगम ने की तैयारियां, घाटों पर सफाई और व्यवस्था मुकम्मल की जा रहीं
आगरा। गणेश चतुर्थी पर प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने खास पहल की है। यमुना नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रतिमाओं और पूजन सामग्री का विसर्जन सीधे नदी में न होकर घाटों पर बनाए जा रहे विशेष विसर्जन कुंडों और कलशों में कराया जाएगा। इसके लिए बल्केश्वर घाट, कैलाश घाट, हाथी घाट, सरस्वती घाट और सीताराम घाट पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
नगर निगम की ओर से घाटों की साफ-सफाई कराई जा रही है। लगभग 6 गुना 4 फीट के विसर्जन कुंड तैयार कर उनमें यमुना जल भरा जाएगा, ताकि श्रद्धालु आसानी से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकें। वहीं, हवन सामग्री के लिए अलग से अर्पण कलश रखवाए जाएंगे। सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने कि नगर निगम की टीमें विसर्जन के दौरान घाटों पर तैनात रहेंगी और श्रद्धालुओं को यमुना में सीधे प्रतिमा या सामग्री डालने से रोकते हुए कुंडों में विसर्जन के लिए प्रेरित करेंगी। इसके साथ ही घाटों पर बैनर और होर्डिंग लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण और यमुना को प्रदूषण मुक्त रखने का संदेश दिया जाएगा।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने इस संबंध में कहना है कि नगर निगम का प्रयास है कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों के बीच संतुलन कायम रहे। श्रद्धालु विसर्जन कुंड और कलश का उपयोग करें तो इससे यमुना को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। हमारा लक्ष्य है कि हर धार्मिक आयोजन स्वच्छ और गार्बेज फ्री हो। मूर्ति विसर्जन से नदियों में प्लास्टर ऑफ पेरिस, केमिकल और रंग घुलकर जल गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इससे प्रदूषण पर नियंत्रण तो होगा ही, लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी।
