डी०ए०पी० उर्वरक का वितरण पात्र किसानों को उनकी खतौनी के अनुसार उपलब्ध करायें- मण्डलायुक्त

Press Release उत्तर प्रदेश

यथासम्भव आवश्यकता के समय ही डी०ए०पी० उर्वरक का क्रय करें, जनपद में निरंन्तर डी०ए०पी० उर्वरक की बनी रहेगी उपलब्धता।

उर्वरक अनियमितता, कालाबाजारी एवं ओवर रेटिंग न होने पाये, पाये जाने पर सम्बन्धित के खिलाफ सुसंगत धाराओं हो मुकदमा पंजीकृत- जिलाधिकारी।

आगरा.07.10.2024. उप निदेशक, कृषि पी के मिश्रा ने कृषकों बन्धुओं को सूचित करते हुए अवगत कराया है कि रबी की फसलों हेतु जनपद में पर्याप्त मात्रा में फास्फेटिक उर्वरक उपलब्ध है माह अक्टूबर में कुल डी०ए०पी० उर्वरक की कुल मॉग 20,000 मै० टन है जिसमें से 7,291 मै० टन डी०ए०पी० उपलब्ध है, माह अक्टूबर में शेष डी०ए०पी० की आवश्यकता 12,709 मै० टन है। जनपद में उर्वरक की व्यवस्था बनाये रखने के लिये जिलाधिकारी महोदय के द्वारा 10800 मै० टन डी०ए०पी० की आपूर्ति हेतु शासन को पत्र लिख गया है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा पी०सी०एफ० से समयपूर्व ही 20 प्रतिशत प्री पोजिशन स्टॉक मात्रा 900 मै० टन सभी समितियों हेतु रिलीज कर दिया गया था, जिसकी आपूर्ति साधन सहकारी समितियों पर की जा चुकी है। अवशेष 3600 मै०टन प्री पोजिशन स्टॉक भी रिलीज किया जा चुका है। जो अगले दो दिवसों में शत-प्रतिशत साधन सहकारी समितियों पर आपूर्तित कर दिया जायेगा। उक्त के अतिरिक्त 2520 मै० टन इफकों डी०ए०पी० रैक सम्भवतः 10.10.2024 तक लग जायेगी, प्रतिदिन समितियों पर लगभग 500 मै०टन डी०ए०पी० खाद की आपूर्ति की जा रही है, उर्वरक की सुचारू रूप से व्यवस्था हेतु जिलाधिकारी  द्वारा जनपद के समस्त उर्वरक थोक विकताओं की बैठक कर कालाबाजारी, ओवर रेटिंग एवं अनावश्यक टैंगिग के सम्बन्ध में सख्त निर्देश दिये गये है।

उन्होने यह भी बताया कि आज मण्डलायुक्त श्रीमती रितु माहेश्वरी , संयुक्त कृषि निदेशक, आगरा मण्डल आगरा, डी० आर० कॉपरेटिव, आगरा मण्डल आगरा, जिला कृषि अधिकारी, अपर जिला कृषि अधिकारी, आगरा द्वारा साधन सहकारी समिति बरौली अहीर एवं साधन सहकारी समिति, बमरौली कटारा का निरीक्षण करते हुये सम्बन्धित सहकारी समिति के सचिवों को निर्देशित किया गया है कि डी०ए०पी० उर्वरक का वितरण पात्र किसानों को उनकी खतौनी के अनुसार ससंतुत मात्रा में उपलब्ध करायें।

उन्होने आगे यह भी बताया कि जिलाधिकारी  के द्वारा जनपद के समस्त उर्वरक थोक विक्रेता, साधन सहकारी समिति एवं फुटकर उर्वरक विकताओं के प्रतिष्ठानों पर भौतिक सत्यापन हेतु अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, जिला स्तरीय अधिकारी, नायब तहसीलदार के स्तर के अधिकारियो की ड्यूटी लगाते हुये निर्देश दिये है कि कही पर भी उर्वरक अनियमितता, कालाबाजारी एवं ओवर रेटिंग न होने पाये यदि ऐसा पाया जाता है तो सम्बन्धित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 एवं उर्वरक नियत्रण आदेश 1985 के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कराते हुये कडी कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें। इस कम में अपर जिलाधिकारीयों के द्वारा जनपद के समस्त थोक विक्रेताओं का उर्वरक गोदामों का निरीक्षण कर पॉस मशीन से मिलान कर डी०ए०पी० उर्वरक का भौतिक सत्यापन किया, जिले के समस्त उप जिलाधिकारीय, तहसीलदार, नायब तहसीलदार द्वारा साधन सहकारी समितियों एवं फुटकर उर्वरक विकताओं का पॉस मशीन से मिलान कर डी०ए०पी० उर्वरक का भौतिक सत्यापन किया गया। उक्त के अतिरिक्त समस्त उर्वरक विकताओं (निजी एंव सहकारिता) को निर्देशित किया गया कि उर्वरक का वितरण कृषकों से आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाईल नम्बर एवं खतौनी प्राप्त करने के उपरान्त ही विक्रय किया जाये एवं बिकी रजिस्टर में अभिलेखो सहित समस्त सूचननाओ को दर्ज करते हुये, निरीक्षण के समय उपलब्ध कराया जाये।अतः कृषक भाईयों से अनुरोध है कि यथासम्भव आवश्यकता के समय ही डी०ए०पी० उर्वरक का कय करें, जनपद में निरंन्तर डी०ए०पी० उर्वरक की उपलब्धता बनी रहेगी।

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