
*आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी डिजिटल लाइब्रेरी, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, ई बुक्स, अन्य डिजिटल सामग्री होगी उपलब्ध*
*विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकों का विशाल संग्रह होगा उपलब्ध, ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में होगी आसानी*
आगरा. 20.12.2025/ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और अवसरों के बीच की खाई को पाटने के लिए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पंचायती राज विभाग द्वारा आगरा जनपद की 104 ग्राम पंचायतों में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है। यह पहल ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सशक्त बनाने का एक बड़ा माध्यम बनेगी।
*अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी लाइब्रेरी*
इन डिजिटल लाइब्रेरी में ग्रामीण युवाओं को केवल किताबें ही नहीं, बल्कि कंप्यूटर और हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ भी मिलेंगी। यह उन छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्हें महंगी कोचिंग या शहरों की दूरदराज लाइब्रेरी तक पहुँचने में कठिनाई और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था।
इन लाइब्रेरी का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। यहाँ अच्छे लेखकों की प्रामाणिक पुस्तकें और डिजिटल सामग्री का विशाल संग्रह उपलब्ध होगा। इसके माध्यम से, वे प्रतिभावान युवा भी अपनी तैयारी को नई ऊँचाई दे सकेंगे जो प्राइवेट कोचिंग का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
*डिजिटल लाइब्रेरी पर खर्च किए जाएंगे 4 लाख रुपये*
मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि हर डिजिटल लाइब्रेरी पर 4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 2 लाख रुपये की पुस्तकों की व्यवस्था होगी, जबकि 1.30 लाख रुपये आईटी इक्विपमेंट और 7 हजार रुपये के आधुनिक फर्नीचर लिए जाएंगे। लाइब्रेरी में ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, क्विज और करीब 20 हजार डिजिटल सामग्री उपलब्ध होगी। डिजिटल लाइब्रेरी का प्रबंधन ग्राम प्रधान और सचिव करेंगे, जबकि सहायक अधिकारी इसकी नियमित देखरेख करेंगे।
*यूपी डेस्को के माध्यम से होगी खरीदारी*
उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की तैयारी अब अंतिम चरण में है। लाइब्रेरी के लिए पुस्तकों के चयन की प्रक्रिया समिति द्वारा पूरी कर ली गई है। जल्द ही सूची में शामिल पुस्तकों की खरीदारी यूपी डेस्को के माध्यम से पंचायती राज विभाग द्वारा की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
*समानता और अवसर का नया मंच*
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ये लाइब्रेरी ग्रामीण युवाओं को शहरी युवाओं की तरह प्रतिस्पर्धात्मक माहौल प्रदान करेंगी। सरकार की यह पहल सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला एक बड़ा कदम है। यह ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
