—- ताजनगरी फेस-वन में होटल ताज सिटी और ताज सी-वन पर कार्रवाई, भट्ठी जलाने पर एनजीटी नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी
आगरा। शहर में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कोयला संचालित भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। निरीक्षण के दौरान ताजगंज क्षेत्र में दो स्थानों पर कोयले से संचालित भट्टियां मिलने पर नगर निगम की टीम ने उन्हें मौके पर ही नष्ट करा दिया। संबंधित संचालकों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में दोबारा कोयला संचालित भट्ठी जलती हुई मिली तो एनजीटी के नियमों के उल्लंघन के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के जोनल स्वच्छता अधिकारी (जेडएसओ) ताजगंज योगेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ताजनगरी फेस-वन स्थित होटल ताज सिटी और ताज सी-वन में कोयले से संचालित भट्टियां मिलीं। इनके अंदर राख पड़ी हुई थी जिससे प्रतीत हो रहा था कि इनका इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों भट्टियों को नष्ट करा दिया।
अधिकारियों ने बताया कि कोयले से संचालित भट्टियों से निकलने वाला धुआं वातावरण में प्रदूषण बढ़ाने के साथ ही आसपास के क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है। ऐसे में नगर निगम द्वारा प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। निरीक्षण के दौरान जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
—- दोबारा मिली भट्ठी तो होगी कड़ी कार्रवाई
नगर निगम टीम ने संबंधित लोगों को स्पष्ट चेतावनी दी कि नष्ट कराई गई भट्टियों को दोबारा तैयार कर उनका संचालन न किया जाए। यदि भविष्य में कोयला संचालित भट्ठी जलती हुई पाई गई तो संबंधित के खिलाफ एनजीटी के दिशा-निर्देशों और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने क्षेत्र के अन्य होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी कोयले के इस्तेमाल से बचने की हिदायत दी है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। खासकर ऐसे प्रतिष्ठानों पर नजर रखी जा रही है, जहां खाना पकाने या अन्य कार्यों के लिए कोयले की भट्टियों का इस्तेमाल किया जाता है।
—- नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा है कि “शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम द्वारा लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। कोयला संचालित भट्टियों का इस्तेमाल नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल बंद कराया जाएगा। भविष्य में यदि दोबारा ऐसी भट्ठी संचालित मिली तो संबंधित के खिलाफ एनजीटी के नियमों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”


